RSS क्या है? भारत में जब भी राष्ट्रवाद, राजनीति या सामाजिक संगठनों की बात होती है, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का नाम अपने आप सामने आ जाता है। कोई इसे राष्ट्र निर्माण की रीढ़ मानता है, तो कोई इसे विवादों से जोड़कर देखता है।
लेकिन सवाल यही है — 👉 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्या है? 👉 इसका गठन क्यों हुआ? 👉 और इसका इतिहास वास्तव में क्या कहता है?
RSS क्या है?| RSS Kya Hai in Hindi
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, भारत का एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में हुई थी। RSS खुद को राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा से जुड़ा स्वयंसेवी संगठन बताता है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का घोषित उद्देश्य:
समाज को संगठित करना
राष्ट्रभाव और देशभक्ति को मजबूत करना
भारतीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण
अनुशासन और चरित्र निर्माण
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मानना है कि राजनीति से पहले समाज मजबूत होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा क्या होती है |
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की कार्यप्रणाली की सबसे छोटी और अहम इकाई होती है — शाखा।
शाखा में शामिल होता है:
शारीरिक व्यायाम
खेल-कूद
देशभक्ति गीत
विचार-विमर्श (बौद्धिक)
सामाजिक मुद्दों पर चर्चा
संघ का कहना है कि शाखा का उद्देश्य लोगों को जोड़ना और अनुशासन सिखाना है, न कि राजनीति करना।
RSS का गठन क्यों हुआ? | RSS Ka Gathan Kyon Hua
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जन्म उस दौर में हुआ जब भारत:
BCCL IPO प्राइमरी मार्केट में आज यानी शुक्रवार, 9 जनवरी को साल 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। यह आईपीओ सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (Coal India) की सब्सिडरी कंपनी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) का है। इस आईपीओ का निवेशकों को बेसब्री से इंतजार था। BBCL के आईपीओ में निवेशक 13 जनवरी तक अपनी बोली लगा सकते हैं।
क्या है शेयर का प्राइस बैंड | BCCL IPO
इस IPO का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। प्राइस बैंड के ऊपरी लेवल पर Coal India को इस IPO से लगभग 1,071 करोड़ रुपये मिलेंगे। चूंकि यह इश्यू पूरी तरह से Offer for Sale (OFS) है, इसलिए BCCL को इस IPO से एक भी पैसा नहीं मिलेगा। यह पूरी की पूरी रकम कोल इंडिया के खाते में चली जाएगी।
क्या है लेटेस्ट जीएमपी
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के आईपीओ को ग्रे मार्केट ( BCCL IPO GMP ) में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। शुक्रवार (9 जनवरी) की सुबह ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 40.22 फीसदी या 9.25 रुपये दिखाया जा रहा था। मतलब कि 23 रुपये के इश्यू प्राइस पर 9.25 रुपये का फायदा। हालांकि, बीते कुछ दिनों में इसका जीएमपी घटा है। बीते सोमवार की सुबह इसके आईपीओ का जीएमपी 70.87 फीसदी दिख रहा था।
शेयरधारकों और कर्मचारियों को आरक्षण
इस आईपीओ में योग्य कर्मचारियों के लिए 2.32 करोड़ इक्विटी शेयरों तक का आरक्षण शामिल है। इसके साथ ही कोल इंडिया लिमिटेड के वर्तमान शेयरधारकों के लिए भी 4.66 करोड़ शेयर आरक्षित हैं। बाकी बची शुद्ध ऑफर हिस्सेदारी को SEBI के नियमों के अनुसार क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) और रिटेल इंडिविजुअल इन्वेस्टर्स (RIIs) के बीच बांटा जाएगा। इसमें QIB की हिस्सेदारी 50% से अधिक नहीं होगी। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल के लिए 15 फीसदी और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए 35% का आरक्षण होगा।
BCCL IPO
लीड मैनेजर और रजिस्ट्रार कौन
बीसीसीएल के आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज और ICICI सिक्योरिटीज का चयन हुआ है। साथ ही KFin टेक्नोलॉजीज को इश्यू का रजिस्ट्रार बनाया गया है।
कंपनी कहां काम करती है
बीसीसीएल (BCCL IPO) का कार्यक्षेत्र झारखंड का धनबाद-झरिया-बोकारो और पश्चिम बंगाल का रानीगंज है। इस कंपनी की स्थापना 1972 में हुई थी। यह भारत की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है। साल 2014 में कंपनी को मिनी रत्न का दर्जा मिलर था। यह लोहा गलाने वाला कोयला का उत्पादन करती है जिसकी देश में भारी मांग है।
Republic Day 2026 हर साल 26 जनवरी का इंतजार हर भारतीय को रहता है। ऐसे में इससे जुड़े फैक्ट हम आपको बताएंगे, क्योंकि इसकी जानकारी हर भारतीय को होनी चाहिए। भारतीयों के लिए 26 जनवरी सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की ताकत का प्रतीक है। इसी दिन भारत ने खुद को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया था। हर साल इस दिन भव्य परेड, झांकियां और देशभक्ति से भरे कार्यक्रम आयोजित होते हैं, लेकिन इसके पीछे छिपे कई दिलचस्प और कम चर्चित किस्सों के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। 26 जनवरी को ही गणतंत्र दिवस क्यों चुना गया, संविधान लागू होने में कितना समय लगा और पहली परेड से जुड़े कौन से रोचक तथ्य हैं…….ये सभी बातें इस दिन को और भी खास बनाती हैं। इतिहास के पन्नों में दर्ज ये किस्से न सिर्फ हमें आजादी के संघर्ष की याद दिलाते हैं, बल्कि ये भी बताते हैं कि भारत का संविधान कितना विचारपूर्ण और मजबूत है। आइए जानते हैं 26 जनवरी से जुड़े कुछ ऐसे ही रोचक तथ्य, जो शायद आपने पहले कभी न सुने हों।
पहला गणतंत्र दिवस समारोह कहां हुआ था | Republic Day 2026
Republic Day 2026 बहुत कम लोग जानते हैं कि पहली बार गणतंत्र दिवस का आयोजन कर्तव्य पथ पर नहीं हुआ था। साल 1950 में इसका पहला आयोजन दिल्ली के इरविन स्टेडियम में किया गया था, जिसे आज मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम कहा जाता है। इसी कार्यक्रम में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में पद संभाला।
Republic Day 2026
26 जनवरी को ही क्यों लागू हुआ संविधान
Republic Day 2026 भारत का संविधान तैयार तो नवंबर 1949 में ही हो गया था, लेकिन इसे लागू करने के लिए जानबूझकर 26 जनवरी 1950 की तारीख चुनी गई। इसकी वजह यह थी कि 26 जनवरी 1930 को देश ने आज़ादी के लक्ष्य के रूप में पूर्ण स्वराज का संकल्प लिया था। इस ऐतिहासिक तारीख को सम्मान देने के लिए गणतंत्र बनने का दिन भी यही रखा गया।
Republic Day 2026
शौर्य और परंपरा का संगम
Republic Day 2026 26 जनवरी को देश को गौरवान्वित करने वाले नागरिकों को पद्म पुरस्कारों से नवाजा जाता है। परेड के दौरान राष्ट्रगान के समय दी जाने वाली तोपों की सलामी और हवाई सम्मान भी इस दिन की खास पहचान है, जिसमें ऐतिहासिक हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है।
परेड के पीछे की महीनों लंबी मेहनत
गणतंत्र दिवस परेड सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं होती। इसकी तैयारी हर साल कई महीनों पहले से शुरू हो जाती है। इसमें शामिल जवान रोजाना कठिन अभ्यास करते हैं और परेड वाले दिन तड़के सुबह आयोजन स्थल पर पहुंच जाते हैं। इस समारोह को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं।
Manish Pandey:भारत में क्रिकेट खेल की शुरुआत हुए एक लंबा अरसा हो चुका है और इस दौरान भारतीय क्रिकेट में हमें एक से बढ़कर एक धुरंधर खिलाड़ी देखने के लिए मिले हैं जिन्होंने न केवल देश बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय क्रिकेट को अलग पहचान दिलाई है और आज भी समय-समय पर नए-नए खिलाड़ी सामने आते रहते हैं जो अपनी प्रतिभा से सबको हैरान कर देते हैं।आज हम एक ऐसे ही भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे और धुरंधर बल्लेबाज मनीष पांडेके बारे में बात करने जा रहे हैं जो बहुत ही कम उम्र में उन उपलब्धियां को हासिल कर चुके हैं जिनको हासिल करना हर क्रिकेटर का सपना होता है तो चलिए आगे बढ़ते हैं और जानते हैं उनके बारे में
मनीष पांडे का जीवन परिचय | Manish Pandey Biography
Manish Pandey का जन्म 10 सितम्बर 1989 को भारत के सबसे खूबसूरत स्थान नैनीताल उत्तराखंड में हुआ है। इनके पिता का नाम श्री कृष्णानंद पांडेय है। जो भारतीय सेना में कार्यरत थे। तथा माता का नाम श्रीमती तारा पांडेय है। इनकी एक बहन भी है जिसका नाम अनीता पांडेय है। जो पूर्व महिला क्रिकेटर रह चुकी है और कर्नाटक टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। मनीष पांडेय ने अपनी शादी फिल्म अभिनेत्री आश्रिता शेट्टी से 2 दिसम्बर 2019 को की है। मनीष पांडेय ब्राह्मण जाति से है।
पूरा नाम ( Full Name )
मनीष कृष्णानंद पांडेय।
उपनाम ( Nickname)
चुलबुल पांडेय।
उम्र ( Age )
36 वर्ष
जन्मतिथि ( Date Of Birth )
10 सितम्बर 1989
जन्मस्थान (Birth Place )
नैनीताल, उत्तराखंड, भारत।
पिता का नाम ( Father Name )
श्री कृष्णानंद पांडेय।
माता का नाम ( Mother Name )
श्रीमती तारा पांडेय।
भाई का नाम ( Brother Name )
ज्ञात नहीं।
बहन का नाम ( Sister Name )
अनीता पांडेय ( महिला क्रिकेटर कर्नाटक )
वैवाहिक स्थिति ( Marital Status )
विवाहित।
पत्नी का नाम ( Wife Name )
आश्रिता शेट्टी पांडेय।
शादी की तारीख ( Wedding Date )
2 दिसम्बर 2019
राष्ट्रीयता ( Nationality )
भारतीय।
जाति ( Caste )
ब्राह्मण।
राशि ( Zodiac )
कन्या ( Virgo )
धर्म ( Religion )
हिन्दू धर्म।
शैक्षणिक योग्यता ( Education Qualification )
स्नातक ( Graduate )
स्कूल ( School )
केंद्रीय विद्यालय ऐ.एस.सी सेंटर बैंगलुरु।
कॉलेज ( College )
जैन यूनिवर्सिटी बैंगलुरु।
कोच का नाम ( Coach Name )
जे. अरुण कुमार ( J. Arun Kumar )
जर्सी नंबर ( Jersey Number )
#9 ( India Team ), #51 ( IPL Team )
ODI डेब्यू ( ODI Debut )
14 जुलाई 2015
टी20 डेब्यू ( T20 Debut )
17 जुलाई 2015
आईपीएल डेब्यू ( IPL Debut )
29 अप्रैल 2008
वर्तमान आईपीएल टीम (Current IPL Team)
Kolkata Knight Riders
पसंदीदा क्रिकेटर ( Favorite Cricketer )
राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर।
पसंदीदा अभिनेता ( Favorite Actor )
अमिताभ बच्चन, शाहरुख़ खान।
पसंदीदा अभिनेत्री ( Favorite Actress )
प्रियामणि।
पसंदीदा भोजन ( Favorite Food )
चिकन बिरयानी, मसाला पुरी, पानी पूरी।
कुल आय ( Total Networth )
₹86.00 करोड़
मनीष पांडे की उम्र | Manish Pandey Age
मनीष पांडे का जन्म 10 सितंबर 1989 को हुआ था। वर्तमान में (12 जून 2025 तक), उनकी उम्र 35 वर्ष है।
मनीष पांडे ने अपनी स्कूली शिक्षा केंद्रीय विद्यालय ऐ.एस.सी सेंटर बैंगलुरु से प्राप्त की है। उन्होंने तीसरी कक्षा से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। बाद में वह कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ में शामिल हो गए। और साथ ही Manish Pandey ने कालेज की पढाई जैन यूनिवर्सिटी बैंगलुरु से पूरी की
Manish Pandey Family | मनीष पांडे का परिवार
मनीष पांडे के परिवार में उनके माता-पिता और एक बहन हैं। उन्होंने शादी कर ली है।
पिता का नाम: जी.एस. पांडे (भारतीय सेना में अधिकारी) / कृष्णानंद पांडे
माता का नाम: तारा पांडे
बहन का नाम: अनीता पांडे (कर्नाटक की पूर्व क्रिकेटर)
पत्नी का नाम: आश्रिता शेट्टी (दक्षिण भारतीय अभिनेत्री), जिनसे उन्होंने 2 दिसंबर 2019 को मुंबई में शादी की थी।
Manish Pandey Career | मनीष पांडे का करियर
· मनीष पांडे ने कम उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और 2008 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे।
· उन्होंने 2007 में कर्नाटक के लिए डेब्यू किया और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
· वह कर्नाटक के लिए 118 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं और उन्हें 2021 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में कर्नाटक टीम का कप्तान भी बनाया गया था।
· उन्होंने रणजी ट्रॉफी में कर्नाटक के लिए शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें दोहरा शतक भी शामिल है।
Manish Pandey T20 Career
· मनीष पांडे ने 17 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत के लिए अपना टी20 अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया।
· उन्होंने 39 टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 44.31 की औसत और 126.15 के स्ट्राइक रेट से 709 रन बनाए हैं।
· वह कभी भी बहुत लगातार प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसके कारण उनका टीम इंडिया में आना-जाना लगा रहा।
Manish Pandey international debut
मनीष पांडे ने भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू 14 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) मैच में किया था।
इसी दौरे पर, उन्होंने 17 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टी20 अंतर्राष्ट्रीय (T20I) डेब्यू भी किया था।
Manish Pandey IPL Career
· मनीष पांडे ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत 2008 में मुंबई इंडियंस के साथ की थी।
· उन्हें असली पहचान 2009 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए मिली, जब उन्होंने डेक्कन चार्जर्स हैदराबाद के खिलाफ नाबाद 114 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली। इस शतक के साथ, वह IPL में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है कि वह IPL में सबसे कम उम्र में (19 साल 253 दिन) शतक लगाने वाले भारतीय खिलाड़ी हैं।
Manish Pandey social media account
इंस्टाग्राम: मनीष पांडे का इंस्टाग्राम अकाउंट है। हाल ही में यह खबरें आई हैं कि उन्होंने और उनकी पत्नी आश्रिता शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया है और एक-दूसरे के साथ की तस्वीरें हटा दी हैं। उनका इंस्टाग्राम हैंडल @manishpandeyinsta बताया गया है।
Manish Pandey net worth | मनीष पांडे की कुल सम्पति
मनीष पांडे की कुल संपत्ति (नेटवर्थ) लगभग 50 से 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह 7 मिलियन डॉलर या लगभग 51 करोड़ भारतीय रुपये है।
FAQ
मनीष पांडे कौन हैं?
मनीष कृष्णानंद पांडेय (जन्म 10 सितंबर 1989) एक भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं। वह मुख्य रूप से दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज हैं।
मनीष पांडे घरेलू क्रिकेट में किस टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं?
वह घरेलू क्रिकेट में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मनीष पांडे ने आईपीएल में किस टीम के लिए खेला है?
वह आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर, पुणे वॉरियर्स इंडिया, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपरजायंट्स और दिल्ली जैसी फ्रेंचाइजी के लिए खेले हैं।
आईपीएल में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी कौन हैं?
मनीष पांडे आईपीएल (2009) में शतक लगाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी थे।
मनीष पांडे ने भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कब पदार्पण किया?
उन्होंने जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। उन्होंने उसी दौरे पर 17 जुलाई 2015 को भारत के लिए ट्वेंटी -20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया।
मनीष पांडे ने भारतीय टीम के लिए अपना आखिरी मैच कब खेला था?
उन्होंने भारतीय टीम के लिए आखिरी मैच साल 2021 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज में कोलंबो में खेला था।
क्या मनीष पांडे अब भी टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं?
हाँ, वह अभी भी टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका मानना है कि आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने पर भारतीय टीम के दरवाजे खुल सकते हैं।
मनीष पांडे की पत्नी कौन हैं?
मनीष पांडे की पत्नी आश्रिता शेट्टी हैं।
मनीष पांडे और उनकी पत्नी के बीच तलाक की अफवाहें क्यों हैं?
जनवरी 2025 में, मनीष पांडे और आश्रिता शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया और तस्वीरें भी हटा दीं, जिससे उनके तलाक की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
Hindu Nav Varsh 2026 नव वर्ष 1 जनवरी को नही 19 मार्च को है हिंदू धर्म में वर्ष की शुरुआत वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से मानी जाती है। हिंदू नववर्ष 2026 की शुरुआत 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से होगी।
Hindu Nav Varsh 2026 | हिन्दू नव वर्ष 2026
Hindu Nav Varsh 2026 हर वर्ष की तरह जब दुनिया 1 जनवरी को नए वर्ष का स्वागत करती है, उसी बीच हिंदू पंचांग की परंपरा के अनुसार एक अलग, गहन और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध नया साल आता है जिसे हिंदू नववर्ष (Hindu Nav Varsh) कहा जाता है। यह वही समय है जब चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रथम प्रतिपदा तिथि के साथ नया संवत्सर आरंभ होता है। जो 2026 में एक विशेष दिन 19 मार्च को पड़ रहा है। हिंदू नववर्ष की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है, जो हमारे सांस्कृतिक परंपरा की एक शुरुआत मानी जाती है।
हिंदू नववर्ष 2026 की तिथि | Hindu New Year 2026 Date
Hindu Nav Varsh 2026 साल 2026 में हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। यह तिथि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा है, जो हिंदू पंचांग के अनुसार नया वर्ष आरंभ करने की तिथि मानी जाती है। इस दिन से विक्रम संवत 2083 की आधिकारिक शुरूआत होगी। इसके अलावा यह दिन ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि निर्माण का शुरुआती समय भी माना जाता है।
विक्रम संवत 2083
Hindu Nav Varsh 2026 हर संवत्सर का अपना नाम, ग्रह पुरोहित और शुभ ग्रह होते हैं। इसी क्रम में वर्ष 2083 को कई ज्योतिषियों के अनुसार रौद्र (Roudra) भी कहा जा रहा है, जिसमें बृहस्पति (गुरु) को राजा ग्रह और मंगल को मंत्री ग्रह के रूप में माना जाता है। साल 2083 में अधिकमास भी पड़ेगा। जिसका अर्थ है एक अतिरिक्त माह जो इस संवत के अनुभव और भी गहन धार्मिक साधना, दान-धर्म और आत्मचिंतन के लिए उपयुक्त बनाएगा।
हिंदू नव वर्ष का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व
Hindu Nav Varsh 2026 हिंदू नव वर्ष (नव संवत्सर) का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व गहरी जड़ों वाला है, जो प्रकृति, धर्म और इतिहास से जुड़ा है; यह चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होता है, जो नवीनीकरण, बुराई पर अच्छाई की जीत, ऋतु परिवर्तन, फसलों की कटाई, और नए आध्यात्मिक संकल्पों का प्रतीक है, जिसमें ब्रह्मा द्वारा सृष्टि रचना और भगवान राम के राज्याभिषेक जैसे ऐतिहासिक क्षण भी शामिल हैं, जो इसे आत्म-चिंतन और सकारात्मक ऊर्जा का अवसर बनाते हैं।
हिंदू नव वर्ष का आध्यात्मिक महत्व
नवीनीकरण और आत्म-चिंतन: यह जीवन में नए सिरे से शुरुआत करने, आध्यात्मिक लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने और सकारात्मक इरादे तय करने का समय है, जो पिछले संघर्षों को छोड़कर आगे बढ़ने का प्रतीक है।
नवरात्रका प्रारंभ: यह चैत्र नवरात्रि का पहला दिन होता है, जो माँ दुर्गा की उपासना और शक्ति की पूजा के लिए विशेष है, जिससे घर और मन में पवित्रता आती है।
ब्रह्मांडीय जुड़ाव: मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी, जिससे यह दिन ब्रह्मांडीय ऊर्जा और जीवन के नवीनीकरण से जुड़ जाता है।
सतभक्तिऔर ज्ञान: यह सतगुरु के माध्यम से शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने और मनुष्य जीवन के उद्देश्य को पूरा करने का अवसर है, जिससे जीवन सफल हो सके।
हिंदू नव वर्ष का सांस्कृतिक महत्व
ऋतु परिवर्तन: यह वसंत ऋतु की शुरुआत होती है, जब प्रकृति में नए पत्ते आते हैं और वातावरण नवीन ऊर्जा से भर जाता है, जो वैज्ञानिक और प्राकृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। (Hindu Nav Varsh 2026)
कृषि और फसल: किसान अपनी मेहनत के फल (नई फसल) की कटाई के समय को मनाते हैं, प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करते हैं, जो इसे कृषि चक्र से जोड़ता है।
ऐतिहासिक घटनाएँ: इसी दिन सम्राट विक्रमादित्य ने राज्य स्थापित किया, श्री राम का राज्याभिषेक हुआ, और आर्य समाज की स्थापना हुई, जो इसे गौरवशाली इतिहास से जोड़ता है।
सामुदायिक जुड़ाव: यह परिवार और समुदायों को एक साथ लाता है, जहाँ साझा परंपराओं और मूल्यों का आनंद लिया जाता है, जैसे विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरीकों से मनाना (गुड़ी पड़वा, बैसाखी, बिहू, आदि)।
सात्विक वातावरण: पाश्चात्य नव वर्ष के विपरीत, यह व्रत, पूजा-पाठ, दान और सात्विक भोजन से शुरू होता है, जिससे घर-घर में शुद्ध और सकारात्मक माहौल बनता है।
इस प्रकार, हिंदू नव वर्ष केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक गहरा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उत्सव है जो प्रकृति, इतिहास और व्यक्तिगत नवीनीकरण से जुड़ा है।
Diwali Date 2026: दिवाली का त्योहार कार्तिक अमावस्या पर मनाया जाता है.2026 में दिवाली कब मनाई जाएगी, इसकी सही तारीख क्या है, हिंदू धर्म में दिवाली के त्योहार को विशेष माना गया है. कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का विधान है. कहा जाता है कि इस दिन लक्ष्मी मां की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है.
पौराणिक मान्यता है कि इस दिन श्रीराम 14 साल का वनवास कर अयोध्या लौटे थे इस खुशी में दीपावली मनाई गई. दिवाली के 5 दिन का त्योहार धनतेरस से शुरू हो जाता है और भाई दूज तक रहता है. 2026 में दिवाली कब मनाई जाएगी, अभी से जान लें सही तारीख मुहूर्त.
Diwali Date 2026 में कब है इस लेख में हम सब जानकारी देने वाले हैं .इसके लिए आपको इस लेख को पूरा पढ़ना होगा | चलिए बताते हैं विस्तार से
2026 में दिवाली कब है | Diwali Date 2026
Diwali Date 2026 दिवाली, रोशनी का त्योहार, आशा, समृद्धि और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। 2026 में दिवाली का त्यौहार 8 नवम्बर को मनाया जाएगा।
Diwali Date 2026 – 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को है, और लक्ष्मी पूजा के लिए सबसे शुभ मुहूर्त प्रदोष काल में, खासकर वृषभ काल (शाम 5:55 बजे से 7:51 बजे तक) होगा, जो स्थिर लग्न (वृषभ) में आता है, जिससे धन-संपत्ति घर में स्थिर रहती है; न्यू दिल्ली के लिए मुख्य मुहूर्त शाम 5:55 बजे से 7:51 बजे तक है, जिसमें वृषभ काल (5:55 PM – 7:51 PM) सबसे उत्तम है, और महानिशीथ काल (रात 11:38 PM – 12:31 AM) भी विशेष माना जाता
लक्ष्मी पूजा (प्रदोष काल/वृषभ काल): शाम 05:55 बजे से शाम 07:51 बजे तक (अवधि: 1 घंटा 55 मिनट).
दीवाली या लक्ष्मी पूजा के दिन, हिन्दु अपने घरों और दुकानों को गेंदे के फूल की लड़ियों व अशोक, आम तथा केले के पत्तों से सजाते हैं. (Diwali Date 2026)
इस दिन कलश में नारियल स्थापित कर, उसे घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर रखने को शुभ माना जाता है.
दिवाली के दिन सफाई का भी विशेष महत्व है. क्योंकि लक्ष्मी मां भी उसी घर में प्रवेश करती हैं जिस घर में साफ-सफाई होती है.
लक्ष्मी पूजा के लिए, पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर, उस पर श्री गणेश और देवी लक्ष्मी की सुन्दर रेशमी वस्त्रों और आभूषणों से सुसज्जित मूर्तियों को स्थापित किया जाता है और फिर पूजन करें. (Diwali Date 2026)
शाम को लक्ष्मी पूजा के साथ ही जलते हुए दीपकों की भी पूजा की जाती है. घर और आंगन में सब जगह दीपक लगाएं.
FAQ
धनतेरस का महत्व क्या है?
धनतेरस दिवाली के जश्न की शुरुआत का प्रतीक है और यह भगवान धन्वंतरि को समर्पित है, जो स्वास्थ्य और उपचार के देवता हैं। यह समृद्धि लाने के लिए नई चीजें, खासकर धातु खरीदने का दिन है।
क्या दिवाली, धनतेरस और अन्य संबंधित दिन भारत में सार्वजनिक अवकाश हैं?
हां, दिवाली और धनतेरस भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश हैं, हालांकि यह क्षेत्रीय आधार पर अलग-अलग होता है। छोटी दिवाली, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे अन्य दिन कुछ क्षेत्रों में अवकाश के रूप में मनाए जा सकते हैं।
गोवर्धन पूजा कैसे मनाई जाती है?
गोवर्धन पूजा गोवर्धन पर्वत की पूजा करके मनाई जाती है, जो भगवान कृष्ण द्वारा गोकुल के लोगों को मूसलाधार बारिश से बचाने का प्रतीक है। भक्त भोजन, मिठाई चढ़ाते हैं और गाय के गोबर से बना एक प्रतीकात्मक पर्वत तैयार करते हैं।
छोटी दिवाली कब मनाई जाती है?
छोटी दिवाली दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है,
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है किdeoriaprimes.comकिसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
Gorakhnath Mandir, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्थित है Gorakhnath Mandir एक प्रमुख हिन्दू तीर्थ स्थल है। Gorakhnath Mandir मंदिर नाथ सम्प्रदाय के महान योगी गुरु गोरखनाथ को समर्पित है, जिनका योगदान भारतीय दर्शन, योग और साधना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह न केवल एक धार्मिक केंद्र है बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का सजीव प्रतीक भी है। Gorakhnath Mandir हजारों वर्षों से श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा है। हर साल लाखों लोग इस मंदिर में दर्शन और साधना के लिए आते हैं। आइए विस्तार से जानें गोरखनाथ मंदिर का इतिहास, महत्व, उसकी वास्तुकला, त्योहार, और मंदिर देखने का सही समय।
गोरखनाथ मंदिर का इतिहास | Gorakhnath Mandir History
गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Mandir) का इतिहास लगभग 900 वर्ष पुराना माना जाता है। इसे गोरखनाथ जी की तपोभूमि माना जाता है। यह कहा जाता है कि स्वयं गुरु गोरखनाथ ने इस स्थान पर कई वर्षों तक तपस्या की थी। बाद में यहां एक मठ की स्थापना की गई, जो धीरे-धीरे एक भव्य मंदिर में परिवर्तित हो गया।
मुगल शासनकाल में Gorakhnath Mandir को कई बार क्षतिग्रस्त किया गया लेकिन नाथ संप्रदाय के साधुओं और स्थानीय भक्तों ने इसे बार-बार पुनर्निर्मित किया। यह मंदिर सांप्रदायिक एकता का प्रतीक भी बन गया क्योंकि हिन्दू और मुसलमान दोनों ही गुरु गोरखनाथ के अनुयायी रहे हैं।
ब्रिटिश काल में भी गोरखनाथ मंदिर एक धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बना रहा। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मंदिर के साधुओं ने भी ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजागरण का काम किया। आजादी के बाद यह मंदिर तेजी से विकसित हुआ और अब यह उत्तर भारत के प्रमुख मंदिरों में शामिल है।
गोरखनाथ कौन थे? | Who was Gorakhnath?
गुरु गोरखनाथ एक महान योगी और नाथ संप्रदाय के प्रमुख गुरु थे। उनका जन्म 11वीं शताब्दी में हुआ माना जाता है। वे गुरु मत्स्येन्द्रनाथ के शिष्य थे और ‘हठयोग’ के संस्थापक माने जाते हैं। उन्होंने तपस्या, ध्यान और योग के माध्यम से कई चमत्कार किए, और जीवन के रहस्यों को सुलझाने में महारत हासिल की।
गोरखनाथ जी ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को हटाने का कार्य किया और सभी जातियों और धर्मों के लोगों को ज्ञान और भक्ति की राह पर चलने की प्रेरणा दी।
गोरखनाथ मंदिर का धार्मिक महत्व
Gorakhnath Mandir नाथ संप्रदाय का सबसे बड़ा केंद्र है। यहां से ही इस सम्प्रदाय के विभिन्न आश्रमों और मठों का संचालन होता है।
यह स्थान सिद्ध भूमि माना जाता है। यहां की मिट्टी और वातावरण को दिव्य माना जाता है।
भक्त मानते हैं कि Gorakhnath Mandir में दर्शन करने से दुख-दर्द दूर होते हैं, और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
गोरखनाथ मंदिर की वास्तुकला
गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Mandir) की वास्तुकला उत्तर भारतीय शैली में बनी हुई है। इसमें ऊँचा शिखर, भव्य द्वार, विशाल मंडप और गर्भगृह प्रमुख हैं।
मुख्य गर्भगृह: जहां गुरु गोरखनाथ जी की मूर्ति स्थापित है।
ध्यान कक्ष: जहां साधक ध्यान एवं साधना करते हैं।
अखाड़ा एवं मठ: जहां नाथ संप्रदाय के योगी रहते हैं।
यज्ञशाला: धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष स्थान।
संग्रहालय और पुस्तकालय: जिसमें नाथ परंपरा से जुड़ी दुर्लभ पांडुलिपियाँ हैं।
गोरखनाथ मंदिर में दर्शन का सही समय
समय
विवरण
सुबह 4:00 – 12:00
मंगला आरती, ध्यान, पूजा
दोपहर 1:00 – 3:00
मंदिर बंद रहता है
शाम 4:00 – 9:00
संध्या आरती, दर्शन और प्रवचन
गोरखनाथ मंदिर घूमने का सबसे अच्छा समय
गोरखनाथ मंदिर की यात्रा के लिए अक्टूबर से मार्च का महीना सबसे उपयुक्त होता है। इस समय मौसम सुहावना होता है और त्योहारों की धूम भी रहती है।
गोरखनाथ मंदिर के प्रमुख पर्व और मेले
1. मकर संक्रांति मेला:
हर साल जनवरी में आयोजित होता है। लाखों श्रद्धालु इस मेले में भाग लेते हैं। गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा है।
गुरु को समर्पित यह पर्व यहां विशेष रूप से मनाया जाता है। श्रद्धालु गुरु चरणों में वंदना करते हैं।
3. श्रावण मास:
भगवान शिव के प्रिय मास में हर सोमवार को विशेष पूजन होता है। भव्य जलाभिषेक किया जाता है।
कैसे पहुँचे गोरखनाथ मंदिर
अगर आप Gorakhnath Mandir मंदिर का दर्शन का प्लान बना रहे हैं तो आप विभिन्न तरीके से यहाँ पर दर्शन के लिए आ सकते हैं –
रेल मार्ग:
आप भारत के किसी भी कोने में हों तब भी आप यहाँ पर आ सकते है यहाँ पर विश्व का सबसे लम्बा रेलवे स्टेशन है यहाँ पर आने के बाद स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 4 किलोमीटर है | यहाँ से Gorakhnath Mandir जाने के लिए ऑटो , टैक्सी आसानी से मिल जाता है
हवाई मार्ग:
निकटतम हवाई अड्डा – गोरखपुर एयरपोर्ट (10 किमी)
🚆 रेल मार्ग:
गोरखपुर रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी लगभग 4 किमी है। ऑटो, टैक्सी उपलब्ध हैं।
🚌 सड़क मार्ग:
उत्तर प्रदेश के किसी भी कोने से गोरखपुर के लिए बसें चलती हैं। नेशनल हाईवे से अच्छी कनेक्टिविटी है।
गोरखनाथ मंदिर के पास ठहरने की व्यवस्था
मंदिर के आसपास कई होटल, धर्मशालाएं और अतिथि गृह मौजूद हैं:
गोरखनाथ धर्मशाला (सीधे मंदिर प्रबंधन द्वारा संचालित)
यूपी टूरिज्म गेस्ट हाउस
होटल क्लार्क, होटल रॉयल रेजीडेंसी जैसे कई प्राइवेट होटल भी उपलब्ध हैं।
Renuka singh (रेणुका सिंह) भारतीय महिला टीम की एक बहुत ही प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज हैं ,जो भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलती हैं और घरेलू क्रिकेट में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करती हैं; उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया और अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं, खासकर कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन के लिए, वहीं छत्तीसगढ़ की रेणुका सिंह सरुता एक राजनेता हैं और जनजातीय मामलों की पूर्व राज्य मंत्री रह चुकी हैं
Renuka singh biography | रेणुका सिंह का जीवन परिचय
Renuka singh biography | रेणुका सिंह का जीवन परिचय
जन्म: 1 फरवरी 1996, शिमला, हिमाचल प्रदेश में.
करियर: एक तेज गेंदबाज, जिन्होंने 2019-20 में घरेलू वनडे लीग में सर्वाधिक विकेट लिए और अगस्त 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम में डेब्यू किया.
पहचान: अपनी शानदार स्विंग और तेज गेंदबाजी के लिए मशहूर हैं, खासकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए प्रदर्शन से उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरीं.
प्रेरणा: पिता केहर सिंह ठाकुर की याद में उन्होंने अपने हाथ पर टैटू बनवाया है, जिनकी 1999 में मृत्यु हो गई थी; उनके पिता चाहते थे कि कोई उनके परिवार से देश के लिए खेले.
रेणुका सिंह का परिवार | Renuka Singh’s family
क्रिकेटर रेणुका सिंह के परिवार में उनकी मां सुनीता ठाकुर, भाई विनोद ठाकुर, और भाभी साक्षी ठाकुर हैं; उनके पिता, केहर सिंह, का 1999 में निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को क्रिकेटर बनाने का सपना देखा था, जिसे रेणुका ने पूरा किया. परिवार हिमाचल प्रदेश के शिमला के पास रोहड़ू के पारसा गांव से है, और उनकी मां ने रेणुका को इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई
Renuka singh social media account
क्रिकेटर रेणुका सिंह ठाकुर के मुख्य सोशल मीडिया अकाउंट्स इंस्टाग्राम पर हैं, जहाँ आप उन्हें@renuka2196 हैंडल से पा सकते हैं; वह टीम इंडिया और अपने क्रिकेटिंग मोमेंट्स की तस्वीरें और वीडियो शेयर करती रहती हैं.
रेणुका सिंह का घरेलू क्रिकेट करियर | Renuka Singh’s domestic cricket career
क्रिकेटर रेणुका सिंह का घरेलू करियर हिमाचल प्रदेश के शिमला से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने HPCA अकादमी ज्वाइन की और घरेलू टूर्नामेंट्स (जैसे 2019-20 सीनियर महिला वनडे लीग) में शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिली; वह अपनी स्विंग बॉलिंग और किफायती गेंदबाजी के लिए जानी जाती हैं, उन्होंने हिमाचल प्रदेश के लिए खेलकर अपना नाम बनाया और महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी RCB के लिए खेला है, और अब वह भारत की एक प्रमुख तेज गेंदबाज हैं, जिन्होंने कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जैसे T20 वर्ल्ड कप में 5 विकेट लेने वाली पहली भारतीय बनना.
रेणुका सिंह का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर | Renuka Singh International cricket career
अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू: उन्होंने 7 अक्टूबर 2021 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20 अंतर्राष्ट्रीय में डेब्यू किया और फरवरी 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे डेब्यू किया.
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: सिल्वर मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं और सबसे ज्यादा विकेट लेने वालों में से थीं.
ICC इमर्जिंग प्लेयर: उन्हें 2022 में ICC इमर्जिंग वुमन क्रिकेटर ऑफ द ईयर चुना गया.
T20 वर्ल्ड कप रिकॉर्ड: T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में 5 विकेट लेने वाली पहली भारतीय बनीं (इंग्लैंड के खिलाफ).
Renuka singh net worth | रेणुका सिंह की कुल संपत्ति
भारतीय महिला क्रिकेटर रेणुका सिंह ठाकुर की कुल संपत्ति (नेटवर्थ) के बारे में सटीक आंकड़े अलग-अलग स्रोतों के अनुसार भिन्न हैं, लेकिन 2025 के अनुमानों के अनुसार यह लगभग ₹5 करोड़ या इससे अधिक हो सकती है, जिसमें BCCI फीस (टेस्ट मैच ₹15 लाख, ODI ₹6 लाख, T20 ₹3 लाख), WPL (RCB से ₹1.5 करोड़), और ब्रांड एंडोर्समेंट से होने वाली आय शामिल है.
sri lanka women vs india women’s भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच आज पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है। भारत ने पहले मैच में एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की थी और अब उसकी नजर सीरीज में बढ़त मजबूतश्रीलंका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय महिला टीम की पारी जारी है। भारत के लिए शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पारी की शुरुआत की। इससे पहले, गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी ने श्रीलंका को दूसरे टी20 मैच में 20 ओवर में नौ विकेट पर 128 रन के स्कोर पर रोक लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए एक बार फिर श्रीलंका की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा रन हर्षिता ने बनाए। वह 33 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि कप्तान चामरी अट्टापट्टू ने 31 रन की पारी खेली। हसिनी परेरा ने 22 रन बनाए। 00:00
श्रीलंका ने की खराब शुरुआत | sri lanka women vs india women’s
पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंका की शुरुआत अच्छी नहीं रही। भारत को एक बार फिर क्रांति गौड़ ने पहले ही ओवर में सफलता दिलाई। क्रांति ने विष्मी गुणारत्ने को आउट किया जो एक रन बनाकर पवेलियन लौटीं। श्रीलंका ने फिर 38 रन के स्कोर पर दूसरा विकेट गंवाया। स्नेह राणा ने कप्तान चामरी अट्टापट्टू को पवेलियन की राह दिखाई। चामरी 24 गेंदों पर तीन चौका और दो छक्के की मदद से 31 रन बनाकर आउट हुईं। sri lanka women vs india women’s
श्री चरणी ने तोड़ी साझेदारी
हसिनी परेरा और हर्षिता समरविक्रमा ने शानदार साझेदारी कर श्रीलंकाई पारी को संभाला। भारत ने श्रीलंका को शुरुआती झटके दिए, लेकिन हसिनी और हर्षिता ने टीम को संभाला और दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 44 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी को श्री चरणी ने हसिनी को आउट कर तोड़ा जो 28 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 22 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद अच्छी बल्लेबाजी कर रहीं हर्षिता मदावी रन होकर पवेलियन लौट गईं। हर्षिता ने 32 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 33 रन बनाए। फिर पिछले मैच से डेब्यू करने वाली वैष्णवी शर्मा को आखिरकार टी20 करियर का पहला विकेट मिला। वैष्णवी ने निलाक्षी को आउट किया जो दो रन बनाकर आउट हुईं। sri lanka women vs india women’s
आखिरी ओवर में श्रीलंका ने गंवाए तीन विकेट
पहले बल्लेबाजी करते हुए एक बार फिर श्रीलंका की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। टीम ने आखिरी ओवर में तीन विकेट गंवाए। श्रीलंकाई पारी का 20वां ओवर डालने वैष्णवी आईं। उन्होंने दूसरी गेंद पर शशिनी गिमहानी को आउट किया। इसके बाद पांचवीं गेंद पर काव्या काविंदी रन आउट हुईं, जबकि अंतिम गेंद पर तेजी से दो रन चुराने के चक्कर में कौशानी भी अपना विकेट गंवा बैठीं। भारत के लिए वैष्णवी शर्मा और श्री चरणी ने दो-दो विकेट लिए, जबकि क्रांति गौड़ और स्नेह राणा को एक-एक सफलता मिली।
भारत टीम की प्लेइंग-11
भारत: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, स्नेह राणा, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, श्री चरणी। sri lanka women vs india women’s
श्रीलंका टीम की प्लेइंग-11
विष्मी गुणारत्ने, चामरी अट्टापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, निलाक्षी डि सिल्वा, कविशा दिलहारी, कौशानी नुथयांगाना (विकेटकीपर), माल्की मदारा, इनोका रानावीरा, काव्या काविंदी, शशिनी गिमहानी। sri lanka women vs india women’s
TNPSC Group 4 Result 2025: तमिलनाडु लोक सेवा आयोग ने संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समूह 4 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। संबंधित उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर परिणाम देख सकते हैं।
तमिलनाडु संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समूह-4 का रिजल्ट जारी | TNPSC Group 4 Result 2025
तमिलनाडु लोक सेवा आयोग (TNPSC) ने आज 22 अक्तूबर को टीएनपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा समूह 4 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। उम्मीदवार अब अपने लॉगिन विवरण का उपयोग करके आधिकारिक वेबसाइट tnpsc.gov.in पर परिणाम देख सकते हैं। इसके साथ ही उम्मीदवार अपनी रैंक और स्थिति भी देख सकते हैं।
जुलाई में हुई थी TNPSC परीक्षा
उम्मीदवार अपने पंजीकरण संख्या और जन्म तिथि विवरण का उपयोग करके अपने परिणाम तक पहुंच सकते हैं। टीएनपीएससी ग्रुप 4 परीक्षा 12 जुलाई को सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई थी।
आयोग राज्य सरकार में 3,935 प्रवेश स्तर की रिक्तियों की पेशकश करता है, जिसमें ग्राम प्रशासनिक अधिकारी (वीएओ), कनिष्ठ सहायक, टाइपिस्ट, आशुलिपिक, क्षेत्र सहायक और अन्य पद शामिल हैं। आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रिक्तियों की कुल संख्या 4,662 हो सकती है।
TNPSC Group 4 Result 2025
छात्र अपना परिणाम देखने और डाउनलोड करने के लिए इन चरणों का पालन कर सकते हैं:
सबसे पहले टीएनपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट tnpsc.gov.in पर जाएं।
टीएनपीएससी ग्रुप 4 रिजल्ट 2025 के लिए उपलब्ध लिंक पर क्लिक करें।
अपना लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।
भविष्य के संदर्भ के लिए स्कोरकार्ड डाउनलोड करें और सहेजें।
अब आगे क्या होगा?
आयोग द्वारा टीएनपीएससी ग्रुप 4 परिणाम घोषित करने के बाद, उम्मीदवारों को उनके इच्छित पदों के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम भर्ती से पहले, उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज मूल प्रारूप में साथ लाएं।
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि टीएनपीएससी ग्रुप 4 भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी अन्य अपडेट के लिए नियमित रूप से आधिकारिक वेबसाइट देखते रहें।